चेतेश्वर पुजारा के पिता अरविंद पुजारा के अनुसार उनके बेटे का काउंटी कार्यकाल अमूल्य था

चेतेश्वर पुजारा | Getty

चेतेश्वर पुजारा के पिता अरविंद पुजारा के अनुसार, उनके बेटे के काउंटी क्रिकेट कार्य ने उन्हें मानसिक रूप से चुनौतियों के लिए तैयार किया हैं| 

साल 2015 में काउंटी चैम्पियनशिप जीतने में उनकी मदद के बाद यॉर्कशायर पुजारा के साथ फिर से करार किया था| उन्होंने डर्बीशायर और नॉटिंघमशायर के लिए भी खेला है|
  
मिड-डे से बात करते हुए पुजारा के पिता ने कहा हैं कि, "यह एक उपयोगी काम था| हालांकि उन्होंने यॉर्कशायर के लिए ज्यादा स्कोर नहीं किया था| उन्होंने दो महीने में कुछ कठिन परिस्थितियों में क्रिकेट खेला हैं| जब वह इंग्लैंड गए, तो वहाँ काफी ठंडा मौसम था| और फिर, बारिश हुई थी, जिसके कारण पिचें नम थीं| मौसम के बाद के हिस्से में, तापमान काफी अधिक था| जब वह उन परिस्थितियों में खेले, तो वह सीरीज में खुद को अंग्रेजी गेंदबाजों का सामना करने के लिए काफी सुसज्जित थे|"

चेतेश्वर के पहले कोच और सलाहकार अरविंद भी अपने बेटे को सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में 86 रनों का पीछा करते हुए नहीं देख पाए, क्योंकि वह अपनी पीठ की समस्या से जूंझ रहे थे| चेतेश्वर को बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन नहीं लिया गया था, लेकिन साउथेम्प्टन में चौथे टेस्ट में उन्होंने शतक बनाया था|

हालांकि, अरविंद ने चेतेश्वर के शिखर से संबंधित किसी भी वार्ता को खारिज कर दिया हैं| उन्होंने कहा हैं कि, "अगर आप सोचते हैं कि आप अपने चरम पर पहुंच गए हैं, तो आप संतुष्ट हो जाते हैं और आपकी प्रगति में बाधा आ सकती है| यह सोचने योग्य बात नहीं है कि यह मेरा सबसे अच्छा चरण है या नहीं| परिणाम किसी भी तरह से आ सकते हैं, लेकिन एक अच्छा काम नैतिकता हमेशा आपको एक अच्छी स्थिति में रखता हैं|"


By Pooja Soni - 08 Oct, 2018

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