CWC 2019: संजय मांजरेकर के अनुसार भारत को २०१९ विश्व कप में एमएस धोनी के शांत स्वाभाव की होगी जरुरत

एमएस धोनी | Getty

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत के बाद शनिवार को सिडनी में पहले वनडे मैच में भारत का आत्मविश्वास बहुत ही अधिक होगा|

प्रतियोगिता में एक ऐसा स्तर है कि जहाँ रिषभ पंत खुद को पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी और दिनेश कार्तिक के साथ एकदिवसीय टीम में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे और जैसा कि चीजें साफ़ हैं, वह पक्ष का हिस्सा नहीं है|

पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर, जो ब्रॉडकास्टर सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के लाइव स्टूडियो शो एक्सट्रा इनिंग्स में एक पैनलिस्ट हैं, ने शुक्रवार को टीओआई से बात करते हुए बताया हैं कि, "यह एक वास्तविक दुविधा है क्योंकि पंत को लगता है कि टीम में इसे बनाने के लिए उनके पास आवश्यक सभी सामग्री है, लेकिन धोनी के प्रदर्शन को देखा जाएगा| मैं व्यक्तिगत रूप से यह देखना चाहूंगा कि क्या धोनी हमेशा ही मैच जीतने में सक्षम होते हैं, जैसा कि वे करते थे| उनके प्रदर्शन को बहुत करीब से देखा जायेगा"

मांजरेकर ने कहा हैं कि, ''एक बात जो धोनी के पक्ष में जाती है, वह यह है कि यह विश्व कप है, आपको किसी ऐसे इंसान की जरूरत है, जो उनके स्तर का शांत भाव का हो| 2011 में, धोनी का शांत रहना मुख्य कारणों में से एक था, कि भारत ने विश्व कप जीता|  बड़े मंच पर उनका शांत स्वभाव एक बड़ा स्रोत बनने जा रहा हैं|"

धोनी ने कहा हैं कि, "मैं वास्तव में दिनेश कार्तिक के चयन से हैरान हूँ, क्योंकि वह एशिया कप के बाद अपना स्थान खो चुके है और मैं उन्हें T20 क्रिकेट में एक अत्यंत मूल्यवान खिलाड़ी के रूप में देखता हूँ|मेरा मानना ​​है कि टेस्ट और वनडे क्रिकेट की बात करें तो भारत को कार्तिक के साथ आगे बढ़ना चाहिए| उन्हें T20 में उनका इस्तेमाल करना चाहिए|"
 
उन्होंने कहा हैं कि, "युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव दोनों को सीधे खिलाना चाहिए, क्योंकि अगर चैंपियंस ट्रॉफी (2017) के बाद वनडे क्रिकेट में भारत की किस्मत बदल गई है, तो इसका कारण कुलदीप और चहल का प्रभाव है| वे दोनों मेरी शुरुआती प्लेइंग इलेवन में होंगे और जडेजा एक विकल्प की तरह होंगे| उन्होंने कई मैचों में शानदार प्रदर्शन किया और आसानी से अपनी जगह नहीं गवाई हैं|"

इस बीच, टेस्ट सीरीज़ की जीत के बारे में पूछे जाने पर 53 वर्षीय कमेंटेटर ने हालिया उपलब्धि को नंबर 4 पर रखा हैं| उन्होंने कहा हैं कि, "मेरे अनुसार, ऑस्ट्रेलिया भारत की जीत मेरी लिस्ट में मेरी सूची में चौथे स्थान पर है| इस लिस्ट में भारत की इंग्लैंड (1971) में जीत पहले स्थान पर होगी, उसके बाद वेस्ट इंडीज (1971) में जीत होगी| उसके बाद 1986 में जब भारत ने इंग्लैंड की मजबूत टीम को 2-0 से हराया था| यह जीत (ऑस्ट्रेलिया पर) चौथा रैंक है और 2004 की सीरीज में पाकिस्तान को हराकर वे इस सूची को पूरा करते हैं|"


By Pooja Soni - 12 Jan, 2019

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