विनोद कांबली के टैटू में छिपे ये जादुई 6 अक्षरों का शब्द जीत लेगा आपका भी दिल

विनोद कांबली और सचिन तेंदुलकर

'मास्टर ब्लास्टर' सचिन तेंदुलकर महानतम क्रिकेटरों में से एक माने जाते है| यह कहना बेहद ही अतिश्योक्तिपूर्ण नहीं होगा कि किसी अन्य क्रिकेटर ने उतना योगदान नहीं दिया, जितना कि मुंबई के मास्टर-ब्लास्टर ने अपने भारी बल्ले से दिया था|

जब से सचिन ने अपना डेब्यू किया, तब से 'लाइमलाइट' ने लगातार उनका पीछा किया हैं और यह  उस समय भी जारी रहा जब महान खिलाड़ी ने क्रिकेट के सभी रूपों से संन्यास लिया था| 44 वर्षीय अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं थे, जिन्होंने पहली बार लिमलाईट से मुलाकात की थी|

24 फरवरी 1988 को, जब दो युवा लड़कों हैरिस शील्ड में सेंट जेवियर्स के खिलाफ शारदाश्रम विद्या मंदिर के लिए 664 रनो की साझेदारी की थी, तब से क्रिकेट की दुनिया बहुत ही अच्छी तरह से जानती हैं, कि वे दो लड़के कौन हैं, वे और कोई नहीं बल्कि सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली थे|

सचिन और कांबली दोनों अपने बचपन से ही अपने सौहार्द की सुंदर भावना का प्रदर्शन कर रहे हैं| एक ही स्कूल के लिए अंततः उसी देश के लिए खेलना, दो खिलाड़ी एक ताकत की बजाय दो ताकत के साथ आगे बढ़े| यद्यपि कुछ समय बाद सचिन तो लगातार क्रिकेट में अपना जलवा बिखेरते रहे, लेकिन कांबली इसे लंबे समय तक इसे बरकरार नहीं रख सके थे, जिसके चलते उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में केवल 17 टेस्ट और 104 वनडे मैच ही खेले थे|  

इस बात पर ध्यान दिए बिना कि एक-दूसरे का व्यक्तिगत जीवन कैसे सामने आएगा, सचिन और कांबली हमेशा प्रतिद्वंद्वियों को अलग रखने में सक्षम थे और हमेशा ही एक अच्छे दोस्त बने रहे| 30 साल की लंबी दोस्ती का एक नमूना कंबली द्वारा अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई तस्वीर के रूप में देखा जा सकता हैं|

तस्वीर में विनोद कांबली के दाहिने हाथ पर बने 'स्लीव टैटू' को साफ़ देखा जा सकता हैं| उनका ये टैटू बहुत ही प्रभावशाली इसलिए हैं, क्योंकि इसके एक हिस्से पर 6-अक्षर वाला एक शब्द लिखा हुआ हैं, जिसे पड़ने पर पता चलेगा इस पर किसका नाम लिखा हैं, उनके टैटू के इस हिस्से पर और किसी का नहीं बल्कि 'सचिन' का ही नाम लिखा हैं| साथ ही उन्होंने इस तस्वीर में सचिन को टैग करते हुए ये भी पुछा हैं कि ये कैसा लग रहा हैं| 


By Pooja Soni - 06 Dec, 2018

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