मंजूर डार एक नाईट वॉचमैन से आईपीएल तक के सफर में, जी रहे हैं अपने सपने को

मंजूर डार एक नाईट वॉचमैन से आईपीएल तक के सफर में, जी रहे हैं अपने सपने को

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इस सीजन में जम्मू कश्मीर के इकलौते क्रिकेटर मंजूर अहमद डार को शामिल किया गया है | लंबे-लंबे छक्के मारने के लिए मशहूर मंजूर अहमद डार को किंग्स इलेवन पंजाब की सह मालकिन प्रीति जिंटा ने आईपीएल नीलामी में बोली लगाकर टीम में शामिल किया था | |

साथ ही उन्होंने अपनी लंबी पारी को एक नाईट वॉचमन के रूप में समाप्त किया है | हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार डार का कहना हैं कि यह खेल के लिए जुनून है, जिसकी वजह से वे गरीबी के बावजूद भी इससे जुड़े हुए हैं | आठ भाई-बहनो का बड़ा भाई होने के नाते, जिसमे की उनकी चार बहने और तीन भाई हैं, ने कहा हैं कि उनके कंधो पर बहुत जिम्मेदारियाँ थी |  

डार ने कहा हैं कि, "अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मेरे परिवार की देखभाल करने के लिए मुझे कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी | मुझे अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी थी और मैं अपने पिता की सहायता करता था |"
  
डार ने पिछले साल नार्थ जोन सैयद मुश्ताक अली ट्राफी T20 टूर्नामेंट में जम्मू-कश्मीर के लिए अपना डेब्यू किया था और उसके बाद उन्होंने दोबारा पीछे मुड़कर नहीं देखा | उन्होंने 145 से भी ज्यादा स्ट्राइक रेट के साथ 9 T20 मैच खेले हैं |

डार का कहना हैं कि उनके क्रिकेट का सफर तब शुरू हुआ था, जब उन्हें स्थानीय टीम के लिए खेलने का मौका मिला था और इस दौरान उन्होंने आठ छक्कों की मदद से शतकीय पारी भी खेली थी | उन्होंने कहा हैं कि, "इसके बाद, मुझे एक और टीम द्वारा चुना गया जो कि श्रीनगर में खेलती थी |"

श्रीनगर में अपने पहले मैच के बारे में डार ने बताया कि, "मेरे पास जूते की जोड़ी नहीं थी, क्योकि मैं इसे खरीद नहीं सकता था | मैं सिर्फ अपने टीम के साथियो से जूते की जोड़ी उधार ले सकता था, लेकिन मेरे पैर बहुत बड़े थे | मेरे परिवार ने कई मुश्किलों का सामना किया है | कभी-कभी हमें बिना भोजन के ही सोना पड़ता था |"  

उन्होंने कहा कि, "मैं आपको अपनी कठनाईयो का सिर्फ 10% ही बता रहा हूँ, जिसका हमने सामना किया हैं |" उस समय डार ने रात में एक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करना शुरू कर दिया था, दिन के दौरान वह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करते थे | यह उनके जीवन को बदलने वाला निर्णय था |  

"अगर मैं ऐसा नहीं करता तो, आज मैं जहाँ हूँ, शायद मैं वहाँ नहीं पहुँच पाता |" लेकिन अब उनकी मुश्किलें ख़त्म हो गई हैं और उनका परिवार बेहतर स्तिथि में हैं |

उन्होंने कहा कि, "एक समय ऐसा था, जब हम अपनी बहनों के लिए एक पेन तक नहीं खरीद पाते थे |  शुकूर हैं खुदा का ! कि मेरी बहन अभी भी पढ़ रही हैं |" डार की एक बहन ने स्नातक की उपाधि प्राप्त की है,दूसरी स्नातक होने के दूसरे वर्ष में है और उसकी छोटी बहन भी पढ़ रही हैं |

डार ने भी कुछ वर्षों के अंतराल के बाद, वापस अपनी पढ़ाई पूरी की | वह हाल ही में किंग्स इलेवन पंजाब के मोहाली में तैयारी शिविर में शामिल होने से पहले 12 वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा के लिए उपस्थित हुए थे | उन्होंने कहा कि, "मैंने अच्छा किया और मैं एक सकारात्मक परिणाम की उम्मीद कर रहा हूँ |"

डार ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य एमएस धोनी का प्रसिद्ध 'हेलीकॉप्टर शॉट' को सफलतापूर्वक निष्पादित करना है | उन्होंने कहा कि, "मैं इसका अभ्यास दो साल से कर रहा हूँ | इनशल्लाह, आप जल्द ही इसे देखेंगे |"


By Pooja Soni - 03 Apr, 2018

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