एसीयू के पूर्व प्रमुख नीरज कुमार के अनुसार आईपीएल अब भ्रष्टाचार मुक्त है

IANS

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मार्की T20 टूर्नामेंटों में से एक रहा है और दुनिया भर के खिलाड़ी हमेशा इसमें शामिल होने के इच्छुक भी रहे हैं | 

लेकिन साल 2013 में स्पॉट फिक्सिंग विवाद के साथ ही इसकी छवि पर काफी बुरा असर पड़ा था, जिससे क्रिकेट बिरादरी को भी काफी झटका लगा था | चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) फ्रेंचाइजी के मालिकों को सट्टेबाजों के साथ शामिल पाए जाने के बाद दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया था | हालांकि, भ्रष्टाचार विरोधी इकाई के प्रमुख नीरज कुमार का मानना ​​है कि टूर्नामेंट अब भ्रष्टाचार मुक्त है |

लगभग तीन वर्षों तक भारतीय क्रिकेट नियामक मंडल (बीसीसीआई) के साथ काम करने के बाद नीरज कुमार गुरुवार को अपने संचालन से सेवानिवृत्त हो गए हैं | लेकिन वह इस तथ्य से निराश थे कि क्रिकेट बोर्ड अभी भी खेल में भ्रष्टाचार के बारे में गंभीर नहीं हैं और केवल अभी इसका आधा उपाय ही किया जा रहा हैं |

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक साक्षात्कार में नीरज कुमार ने ये बात साफ़ कर दी हैं कि समृद्ध T20 लीग में अब कोई भ्रष्टाचार नहीं है, लेकिन यह भी माना जा रहा है कि इसमें शामिल हिस्सेदारी के मुकाबले यह कमजोर है | उन्होंने कहा हैं कि, "आईपीएल बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार से अब मुक्त है | दोबारा ऐसा नहीं हुआ हैं, क्योंकि हमारी सूचना में कुछ नहीं आया है, हम दावा नहीं कर सकते कि कुछ भी ऐसा हुआ है | क्योंकि यह एक उच्च स्टेक वाला टूर्नामेंट है, यह भ्रष्टाचार के लिए बहुत ही कमजोर है |"

उनका यह भी विचार था कि बीसीसीआई को एसीयू को मजबूत करने की जरूरत है क्योंकि पिछले तीन वर्षों से इसमें केवल तीन पुरुष ही काम कर रहे हैं | उन्होने कहा हैं कि, "मैंने पहले ही अपने ईमेल में  बीसीसीआई को (बीईसीआई के सीईओ राहुल जोहरी) इसके बारे में उल्लेख किया है, जो सार्वजनिक डोमेन में है | जिस दिन से मैं यहाँसे जुड़ा हु और जब मैंने छोड़ा हैं तब से कर्मचारी वही बने हुए हैं |  कोई नहीं जानना चाहता हैं कि यह क्या (एसीयू) कर रहा है | यह बस एक बॉक्स है | मैं नहीं कहूंगा कि बीसीसीआई भ्रष्टाचार को खत्म करने के बारे में गंभीर नहीं है, लेकिन एसीयू को मजबूत करने की जरूरत है |"


By Pooja Soni - 02 Jun, 2018

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